बसंत पंचमी किसे कहते हैं? 

बसंत पंचमी, जिसे श्रीपंचमी भी कहा जाता है, एक हिंदू त्योहार है जो माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार ज्ञान और कला की देवी सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित है।

इस दिन, लोग देवी सरस्वती की मूर्तियों को स्थापित करते हैं और उनकी पूजा करते हैं। वे उन्हें फूल, फल, मिठाई और अन्य भेंट चढ़ाते हैं। लोग पीले वस्त्र भी पहनते हैं, जो ज्ञान और उर्वरता का प्रतीक है।

बसंत पंचमी का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है। इस दिन, मौसम सुहावना हो जाता है और पेड़-पौधे खिलने लगते हैं। लोग पतंगबाजी का आनंद लेते हैं और पीले रंग के व्यंजन बनाते हैं।

बसंत पंचमी का त्योहार भारत के सभी हिस्सों में मनाया जाता है, लेकिन यह पूर्वी भारत में विशेष रूप से लोकप्रिय है। यह त्योहार शिक्षा और कला के महत्व को दर्शाता है और लोगों को ज्ञान और विद्या प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।

बसंत पंचमी के कुछ मुख्य पहलू:

  • तिथि: माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी
  • देवी: सरस्वती
  • रंग: पीला
  • भोजन: पीले रंग के व्यंजन
  • गतिविधियां: पूजा, पतंगबाजी, पीले वस्त्र पहनना

बसंत पंचमी का महत्व:

  • ज्ञान और विद्या प्राप्त करने का प्रतीक
  • वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक
  • शिक्षा और कला के महत्व को दर्शाता है
  • लोगों को ज्ञान और विद्या प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है

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