Ambedkar Jayanti: बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जयन्ती तिथि, इतिहास और महत्व

अम्बेडकर जयंती, जिसे भीम जयंती के रूप में भी जाना जाता है, हर साल बी आर अंबेडकर के काम का सम्मान करने के लिए एक उत्सव है। अंबेडकर जयंती सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाई जाती है। अम्बेडकर ने जीवन भर समानता के लिए काम किया, इसलिए उनका जन्मदिन भारत में “समानता दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को “अंतर्राष्ट्रीय समानता दिवस” कहने के लिए एक याचिका संयुक्त राष्ट्र को भेजी गई है।

अंबेडकर जयंती कब मनाई जाती है?

अम्बेडकर जयंती हर साल उनके जन्म को याद करने के लिए मनाया जाता है। उनका जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है और उनका जन्मदिन पूरे देश में मनाया जाता है।

डॉ. भीम राव अम्बेडकर जयंती का क्या महत्व है?

भारत के लोग इस दिन दलित समुदाय के लिए डॉ बीआर अंबेडकर के द्वारा किये गए काम और योगदान को याद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं, यह भारतीय लोगों द्वारा बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। उन्होंने भारत के संविधान को बनाने में भी अपना योगदान दिया, क्योंकि डॉ. भीम राव अम्बेडकर भारतीय संविधान को बनाने के लिए चुने गए पहले व्यक्ति थे। उन्होंने छोटी जातीयों के लोगों की रक्षा के लिए बात कहीं, और उन्हें 20th century के भारत में सबसे महत्वपूर्ण समाज सुधारकों में से एक माना जाता था।

1923 में, उन्होंने गरीब परिवारों की स्थिति में सुधार करने और आम जनता के बीच शिक्षा के फायदे के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए Bahishkrit Hitkarini Sabha बनाई। उन्होंने उस समय देश में हो रही जातिवाद की गलत प्रथाओं का विरोध करने के लिए एक आंदोलन भी शुरू किया। Dalit Buddhist movement, the temple entry movement, और डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के रेख-देख में और भी महान नेता द्वारा आंदोलन किये गए थे।

डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर ने हमें समानता और भाइचारे के बारे में सिखाया, और उन्होंने हमें right to freedom of expression के अधिकारों के बारे में बताया। अम्बेडकर ने समाज के सुधार के लिए काम किये। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की जयंती भारत में बहुत उत्साह और जोश के साथ मनाई जाती है, दलित समुदाय में सुधार के उनके प्रयासों और योगदान को याद भी किया जाता हैं। वह ‘भारत के संविधान’ के लेखक भी थे।

डॉ बी आर अंबेडकर के बारे में

डॉ भीमराव अम्बेडकर, जिन्हें बाबासाहेब अम्बेडकर जी के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संविधान बनाने वाले महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक हैं। अम्बेडकर जी एक प्रसिद्ध politician और eminent jurist थे, जो 20th century में जीवित रहे। उन्होंने untouchability और casteism को मिटाने के लिए कई आंदोलन शुरू किए और उनका असर पूरे देश में फैल गया।

उन्होंने गरीबों की मदद और छोटी जातियों की स्थिति सुधारने में अपना पूरा जीवन निकाल दिया। स्वतंत्रता के बाद, पहली बार पंडित जवाहरलाल नेहरू के cabinet में अम्बेडकर जी Law Minister के पद पर चुने गए। 1990 में, देश के सबसे बड़े सम्मान ‘भारत रत्न’ को उनके अच्छे कामो और देश में योगदान के लिए दिया गया था।

बी आर अंबेडकर जी का जीवन इतिहास

अपनी secondary education पूरी करने के बाद, अम्बेडकर जी ‘बॉम्बे’ के Elphinstone College में पढ़ाने के लिए चले गए। वह अपनी पढ़ाई में बहुत तेज दिमाग वाले थे, और उन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं pass की। उन्हें बड़ौदा के Gaekwad में रहने फसला लेना पड़ा। राजा सयाजी ने 25 रुपये के scholarship की शुरुआत की। 1912 में, उन्होंने Chicago University से political science और economics में bachelor’s degree प्राप्त की |

उन्हें अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी scholarship के पैसे का इसतेमाल करने का विचार था, इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए पूरे राज्य की यात्रा की। अपनी अमेरिका यात्रा से लौटने के बाद, बड़ौदा के राजा ने उन्हें अपने देश में रक्षा मंत्री के रूप में चुना। हालाँकि, इस स्थिति में भी, उनकी untouchability ने उन्हें नहीं रोका। वह लंबे समय से इस पद पर थे और उन्हें बहुत अपमान सहना पड़ा।

Bombay के गवर्नर की सहायता से, वह Bombay में Sydenham College of Commerce और Economics के professor के रूप में एक पद मिला। अम्बेडकर अपनी पढ़ाई को और आगे बढ़ाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने भारत से बाहर इंग्लैंड जाने का फैसला किया। इस बार वह अपने खर्चे का बोझ उठा सकती थे। इस स्थान पर उन्हें london university से DSC पुरस्कार मिला।

अम्बेडकर ने कुछ समय Germany के Bond University में बिताया, जहां उन्होंने economics के बारे में अच्छे से पढ़ा। 8 जून 1927 को Columbia University से उन्हें Doctorate की उपाधि से सम्मानित किया गया। अम्बेडकर की पत्नी रमाबाई की बीमारी से 1935 में निधन हो गया।

1940 में भारतीय संविधान को पूरा करने के बाद वे कई तरह की बीमारियों से घिरे रहे। अम्बेडकर जी को रात में सोने में कठिनाई हो रही थी, पैरों में दर्द हो रहा था, और उनकी diabetes बिगड़ रहीं थी, जिसके कारण उन्हें insulin देना जरूरी हो गया था। उन्होंने बंबई में इलाज की मांग की, जहां वे एक ब्राह्मण doctor ‘शारदा कबीर’ से मिले। डॉ. के रूप में उन्हें एक नया जीवन साथी मिल गया था। 15 अप्रैल, 1948 को, उन्होंने दिल्ली में अपनी दूसरी पत्नी के साथ शादी की।

डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती कैसे मनाई जाती है?

बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर, जिसे अम्बेडकर जयंती के रूप में भी जाना जाता है, उनके चाहने वाले देश के अलग अलग हिस्सों में ज्यादातर मुंबई में जुलूस निकालते हैं। डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर को भारत के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, और आम जनता द्वारा याद किया जाता है। इसके अलावा स्कूल कॉलेजों में भी अम्बेडकर जयंती बनाई जाती हैं। अम्बेडकर जयंती के दौरान, वाराणसी, उत्तर प्रदेश में, खेल, academics और cultural activities जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर में तीन दिनों तक उत्सव मनाया जाता है।

अम्बेडकर जयंती को “समानता दिवस” ​​के रूप में मनाया जाता है।

डॉ बी आर अम्बेडकर के सम्मान में, अम्बेडकर जयंती को भारत के कुछ हिस्सों में ‘समानता दिवस’ के रूप में भी जाना जाता है। डॉ बी आर अंबेडकर के जन्मदिन को ‘अंतर्राष्ट्रीय समानता दिवस’ के रूप में मनाने के लिए विचार किया जा रहा है।

डॉ बी आर अंबेडकर को श्रद्धांजलि

डॉ बी आर अम्बेडकर की 150वीं जयंती मनाने के लिए, भारत के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और अन्य व्यक्तियों ने नई दिल्ली में भारत की संसद के बाहर डॉ बी आर अंबेडकर की मुर्ति को श्रद्धांजलि दि और बाबासाहेब के योगदान को याद किया। बाबासाहेब अम्बेडकर को अपनी श्रद्धांजलि के लिए, भारतीय डाक (इंडिया पोस्ट) ने 1966, 1973, 1991, 2001 और 2013 में अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर डाक टिकट जारी किए, साथ ही 2009, 2015, 2016, 2017 और 2020 में अम्बेडकर की विशेषता वाले डाक टिकट भी जारी किए। 14 अप्रैल 1990 को, उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था, और उसी दिन संसद के center hall में उनकी एक चित्र का भी लगाई गयी। 14 अप्रैल, 1990 से 14 अप्रैल, 1991 तक के समय को बी आर अंबेडकर की जयंती के सम्मान में “सामाजिक न्याय का वर्ष” के रूप में जाना गया था। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार ने वर्ष 2015 में 10 रुपये और 125 रुपये के सिक्के जारी किए।

दुनिया भर के कई देशों मे 15 जनवरी को डॉ. बी आर अंबेडकर की जयंती ‘डॉ. बी आर अम्बेडकर समानता दिवस ‘ के रूप में मनाई जाती है।

डॉ. बी.आर. के कुछ महत्वपूर्ण योगदान क्या हैं?

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने समाज में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • उन्होंने जातिवाद का विरोध करने और छोटी जाति के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत अभियान, सभाएं और आंदोलन शुरू किए |
  • डॉ. बी.आर. देश को आजादी मिलने के कुछ ही समय बाद 1947 में अम्बेडकर को भारत के पहले law mister के रूप में चुना गया था। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के समय भारत की संविधान के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
  • 26 नवंबर, 1949 को, भारतीय संविधान तैयार किया गया था और भारतीय विधानसभा द्वारा अपनाया गया था।
  • उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की नींव रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • वह एक शानदार economist थे, जिन्होंने “The Evolution of Provincial Finance in British India,” “The Problem of the Rupee: Its Origin and Solution,” और “Administration and Finance of the East India Company” तीन प्रसिद्ध पुस्तकें लिखीं। वह Cambridge University में professor भी थे।
  • उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी बहुत प्रयास किये।
  • ‘दलित बौद्ध आंदोलन’ डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के नाम की प्रेरणा पे रखा गया।

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डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के बारे में रोचक तथ्य।

  • जब वे छोटे थे, तब डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को बडे़ जाति के लोगों ने उनका अपमान किया। हालांकि, बाद में वह स्वतंत्र भारत में पहले law minister के पद तक पहुंचे, जिससे देश के संविधान को आकार देने में मदद मिली।
  • जब उनका जन्म हुआ तब बाबासाहेब अम्बेडकर का दिया गया नाम वास्तव में अंबावडेकर था। उनके शिक्षक, महादेव अम्बेडकर को वे अच्छे लगते थे, उन्होंने स्कूल के रिकॉर्ड में अपना उपनाम ‘अंबावडेकर’ से बदलकर ‘अम्बेडकर’ करने पर जोर दिया।
  • डॉ. अम्बेडकर ने Hilton Young Commission को Reserve Bank of India के दिशा-निर्देश, working style और outlook प्रस्तुत किये, जिसकी conceptualised पहली बार की गई थी।
  • पिछले दो वर्षों से, उन्होंने भारत के मुंबई में government Law College के principal के रूप में भी काम किया है।
  • अम्बेडकर foreign university से economics में doctorate करने वाले पहले भारतीय थे।
  • डॉ. अम्बेडकर ने प्रस्ताव ररखा कि मध्य प्रदेश को दो राज्यों में विभाजित किया जाए: एक उत्तर में और एक दक्षिण में। इसके अलावा, उन्होंने 1955 में राज्यों के विकास को बढ़ावा देने के लिए बिहार के विभाजन का प्रस्ताव रखा था।
  • डॉ अम्बेडकर के प्रयासों से, हिंदू धर्म की जाति व्यवस्था को छोड़कर, आधे million से अधिक लोग बौद्ध धर्म में बदल गए।
  • अम्बेडकर ने भारतीय labour Conference के 7वें Session में भारत में काम के घंटों को 14 घंटे से बदलकर 8 घंटे कर दिया।
  • अम्बेडकर की आत्मकथा, जिसका नाम ‘Waiting for a Visa’ है, जिसे उन्होंने 1935 और 1936 के बीच लिखा था, Columbia University के इतिहास विभाग में पाठ्यपुस्तक के रूप में उपयोग की जाती है।
  • अम्बेडकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के विरोधी थे, जो जम्मू और कश्मीर राज्य (अब कश्मीर के रूप में जाना जाता है) को विशेष दर्जा देता है।
  • डॉ. अम्बेडकर को 1990 में भारत रत्न (मानद नागरिकता) से सम्मानित किया गया था।

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के सबसे प्रसिद्ध वाक्य

“मनुष्य के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य मन की साधना होना चाहिए।”

“अपने आप को शिक्षित करो, अपने आप को व्यवस्थित करो, और agitated हो जाओ।”

“लंबा होने के बजाय, जीवन अद्भुत होना चाहिए।”

“ज्ञान मनुष्य के अस्तित्व का निर्माण करता है।”

“धर्म मनुष्य के लिए है, मनुष्य धर्म के लिए नहीं,”

“इतिहास भूलने वाले इतिहास नहीं बना पाएंगे।”

जो धर्म स्वतंत्रता, समानता और भाइचारे का संचार करता है, मैं उसकी प्रशंसा करता हूं।

“एक व्यक्ति जो जीवित है लेकिन जिसका दिमाग मुक्त नहीं है, वह मरे हुए व्यक्ति से बेहतर नहीं है।”

Faqs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. बीआर अंबेडकर का पुरा नाम क्या है?
A. भीमराव रामजी अम्बेडकर

Q. सबसे बड़ी जयंती कौन सी है?
A. डॉ अम्बेडकर जयंती दुनिया भर में सबसे बड़ी जयंती है।

Q. क्या अंबेडकर जयंती को बैंक का अवकाश होता है?
A. 14 अप्रैल: बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती के लिए देश में बैंक बंद रहते हैं |

Q. भारत के गॉडफादर कौन हैं?
A. बाबासाहेब अम्बेडकर

Q. दुनिया में नंबर 1 scholar कौन है?
A. दुनिया में नंबर 1 scholar डॉ अम्बेडकर हैं, और वे economic में Ph.d करने वाले ‘दक्षिण एशिया’ के पहले व्यक्ति हैं।

Q. विश्व ज्ञान दिवस कौन से दिन मनाया जाता है?
A. 14 अप्रैल

Q. विश्व में ज्ञान का प्रतीक कौन है?
A. डॉ बी.आर. अम्बेडकर को ज्ञान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है क्योंकि उन्होंने M.A, MSc, Ph.d जैसी कई बडी़ डिग्री पूरी की हैं।

Q. क्या अम्बेडकर स्वतंत्रता सेनानी थे?
A. बी आर अम्बेडकर एक स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्हें “भारतीय संविधान के वास्तुकार” के रूप में सम्मानित किया गया।

Q. अम्बेडकर की मृत्यु किस उम्र में हुई थी?
A. 65 years (1891–1956)

Q. अम्बेडकर की जाती क्या थी?
A. भीमराव रामजी अम्बेडकर महार जाति के थे, जो भारत में अछूत/दलित जातियों में से एक थी।

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