स्वच्छ भारत पर कविता | स्वच्छता पर कविता हिंदी में

यह एक ऐसा कार्य है जिसके लिए किसी धन या प्रसिद्धि की आवश्यकता नहीं है; बदलाव लाने के लिए केवल प्रयास और इच्छा शक्ति की जरूरत है! आइए, हम स्वच्छता के दूत बनें और दूसरों को भी प्रेरित करने का प्रयास करें। आइए स्वच्छ भारत को एक वास्तविकता बनाने की दिशा में अपना सर्वोत्तम प्रयास करें!

आज मैं स्वच्छ भारत पर लिखी अपनी एक कविता साझा करना चाहती हूँ।

स्वच्छ भारत पर कविता

स्वच्छ भारत, साफ भारत,
एक नियोग जिसको चाहिए हमारा नेतृत्व।
स्वच्छता एक ऐसा शरीर,
जिसमें है मानवी अस्तित्व।।

बनाया जा सकता है एकता से,
देश को स्वच्छ और हरा भरा।
स्वास्थ पर दिला सकते हैं,
स्वच्छ और स्वस्थ जीवन का पहरा।।

आओ लें एक संकल्प शुद्ध पर्यावरण का,
न करेंगे देश गंदा।
आओ हर सुबह उठे जल्दी,
और दें देश को सफाई और स्वच्छता।।

चलना है यदि इस देश के सड़कों पर,
तो स्वच्छ रखना होगा देश।
आओ करें जागृत स्वच्छ जीवन को,
बिना किसी को पंहुचाये ठेस।।

आओ फैलाएं कोसो तक,
स्वच्छता का आचार विचार।
दूसरों को प्रेरित कर,
करें स्वच्छता का प्रचार।।

आओ करें सुनश्चित,
कोई भी न रहे इस दौड़ में पीछे।
सुंदरता और नव निर्माण की ओर,
आओ इस देश को खींचे।।

आओ दो रंग में रंग दें,
इस नव भारत को।
एक रंग हरा और दूसरा नीला,
चूमे इसके पावन रथ को।।

स्वच्छता का एक अथक प्रयास,
अडिग है जिस तरह अपने अंदर।
आओ इस प्रयास से जीवन में भी,
दें उल्लास उमंगे भर।।

आओ स्वच्छ घर बनाकर,
स्वच्छता को प्रफुल्लित कर दें।
आओ अपने उत्तरदायित्व को,
एक सुनहरा स्वच्छ सौंदर्य जीवन पर दें।।

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स्वच्छ भारत: स्वच्छता पर कविता | Poem on Swachh Bharat Hindi

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