बिटकॉइन क्या है, कैसे काम करता है और इतना लोकप्रिय क्यों है

दोस्तों आपने जब भी कभी अपने पैसों को इन्वेस्ट करने के बारे में सोचा होगा तो आपके मन में बिटकॉइन का ख्याल जरूर आया होगा, क्योंकि बिटकॉइन इस समय दुनिया की सबसे फेमस क्रिप्टो करेंसी है जिसमें दुनिया भर के लोग ट्रेडिंग कर रहे हैं.

अब वैसे तो बिटकॉइन हमेशा से ही चर्चा में रहता है, लेकिन इस समय ये कुछ ज्यादा ही सुर्खियों में बना हुआ है दरअसल बात यह है कि अभी हाल ही में बिटकॉइन ने अपने इतिहास के सबसे high price को touch किया है. इस पोस्ट को लिखने के समय एक बिटकॉइन की कीमत ₹21,00,000 से ज्यादा हो चुकी है. हैरानी की बात यह है कि आज से 10 साल पहले इसी एक बिटकॉइन की कीमत ₹1 से भी कम हुआ करती थी और सिर्फ 10 साल के अंदर ही इसकी कीमत जमीन से आसमान पर पहुंच गई है.

अब ऐसे में बहुत से लोगों के मन में बिटकॉइन को लेकर तरह-तरह के सवाल आते हैं. इसीलिए आज की हमारी इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि बिटकॉइन असल में क्या है, और इसमें किस तरह इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग की जाती है. तो चलिए दोस्तों अब इंटरेस्टिंग topic को शुरू करते हैं.

बिटकॉइन क्या है?

बिटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी है, एक निजी, डिजिटल पैसा है जो बिना किसी बैंक या सरकारी हस्तक्षेप के संचालित होता है। मतलब कोई भी सरकार इसे नियंत्रित नहीं करती है। बिटकॉइन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि यह peer-to-peer (यानि सहकर्मी-से-सहकर्मी) तकनीक का उपयोग करके विकेंद्रीकृत है, जिसका अर्थ है कि बिटकॉइन नेटवर्क को किसी एक संस्थान द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता है।

बिटकॉइन असल में कब, कहां, और क्यों शुरू किया गया था?

 दोस्तों आपको यह जानकर काफी हैरानी होगी कि जिस बिटकॉइन में आज दुनियाभर के करोड़ों लोग अपने खरबों रुपए इन्वेस्ट करते हैं उसके बारे में आज तक किसी को यह भी नहीं पता चल पाया कि आखिर इस को शुरू किसने किया. इसके बारे में लोगों को सिर्फ इतना पता है कि साल 2008 के अंत और 2009 की शुरुआत में “सतोशी नकामोटो” (Satoshi Nakamoto) नाम के अनजान व्यक्ति द्वारा बिटकॉइन को एक डिजिटल करेंसी के रूप में इन्वेंट किया गया था.

अब नाम के हिसाब से देखें तो लगता है कि सतोशी नकमोटो जापान से ताल्लुक रखते होंगे, लेकिन दोस्तों असल में वह किस देश से ताल्लुक रखते हैं यह भी किसी को नहीं मालूम है. Satoshi ने बिटकॉइन इसलिए इन्वेंट किया था क्योंकि वह दुनिया में एक ऐसी करेंसी को लाना चाहते थे जिसके ऊपर किसी भी सेंट्रल बैंक या एडमिनिस्ट्रेटर का कोई कंट्रोल ना हो. क्योंकि दुनिया की बाकी जितने भी करेंसी होती हैं उस पर किसी ना किसी सेंट्रल में या फिर किसी मुख्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन का कंट्रोल होता है. जैसे हमारे भारतीय रुपयों पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का कंट्रोल है. ऐसे में रिजर्व बैंक हमारी करेंसी के साथ जो चाहे वह कर सकता है जिसका नमूना हमने demonetization के समय भी देखा था.

 इसलिए बिटकॉइन को एक ऐसी करेंसी के रूप में बनाया गया जिस पर किसी भी सेंट्रल बैंक या एडमिनिस्ट्रेटर का कोई कंट्रोल नहीं होता है.

वैसे आपको बता दें कि बिटकॉइन की पहली ट्रांजैक्शन सतोशी नकामोटो और बिटकॉइन के किसी शुरुआती adopter के बीच जनवरी 2009 में हुई थी. जबकि बिटकॉइन की पहली रियल वर्ल्ड ट्रांजैक्शन साल 2010 में फ्लोरिडा के अंदर हुई थी, जब एक व्यक्ति ने 10000 बिटकॉइन से दो पिज़्ज़ा खरीदे थे. बताया जाता है कि शुरुआत में जब बिटकॉइन दुनिया में आया था तो इसकी कीमत भारत के 50 पैसे के बराबर थी और आज उसी बिटकॉइन की कीमत 17 लाख के पार पहुंच गई है. अब आप खुद ही सोचिए कि अगर उस समय किसी ने बिटकॉइन में ₹20 भी इन्वेस्ट किये होंगे तो आज वह करोड़पति होगा.

यदि यह एक मुद्रा नहीं है, तो यह क्या है?

यह एक प्रकार से अदृश्य पैसा (virtual money) है. इसको “सट्टा संपत्ति” भी कहा जा सकता है। दूसरे शब्दों में, लाभ कमाने के लिए, यह कुछ ऐसा है जिस पर आप जुआ खेल सकते हैं, लेकिन जोखिम के साथ कि आप अपना निवेश खो भी सकते हैं ।

Bitcoin आखिर काम कैसे करता है?

जैसा कि हमने आपको बताया कि बिटकॉइन एक डिजिटल करेंसी है. इसका मतलब यह है कि बिटकॉइन की जितनी भी ट्रांजैक्शन होती हैं वह सभी कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है. दरअसल सभी बिटकॉइन ट्रांजैक्शंस का अपना एक अलग पब्लिक खाता होता है, इस खाते की कॉपी उस हर एक सिस्टम में होती हैं जो बिटकॉइन के नेटवर्क का हिस्सा होते हैं. और जो लोग इन सिस्टम को ऑपरेट करते हैं उन्हें miners कहा जाता है. इन miners का काम ट्रांजैक्शन को verify करना है. यानी बिटकॉइन में जब भी कोई ट्रांजैक्शन होती है तो उसको complete होने के लिए miners के verification की जरूरत होती है. एक बार जब transaction verify हो जाता है तो नेटवर्क से जुड़े दूसरे कंप्यूटर उसको confirm करते हैं. जिसके बाद के transaction एक chain में जुड़ जाती है और इस तरह ट्रांजैक्शन का एक ब्लॉक बन जाता है.

 इसीलिए दोस्तों बिटकॉइन जिस टेक्नोलॉजी पर काम करता है उसको blockchain system कहा जाता है. वैसे आपको बता दें कि जब बिटकॉइन दुनिया में आया था तो यह दुनिया की पहली और एकमात्र क्रिप्टो करेंसी हुआ करती थी. जबकि आज की की अगर बात करें तो इस समय दुनिया में 5000 से भी ज्यादा क्रिप्टो करेंसी मौजूद हैं.

बिटकॉइन को कौन नियंत्रित करता है?

बिटकॉइन को किसी एक संस्था या किसी एक व्यक्ति द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है, बल्कि इसे network of users (उपयोगकर्ताओं के नेटवर्क) द्वारा बनाए रखा जाता है।

बिटकॉइन के सबसे powerful और unique qualities में से एक यह तथ्य है कि इसके ब्लॉकचेन लेज़र पर लेनदेन, नेटवर्क के सदस्यों की आम सहमति से verify होते हैं न कि किसी third party या trusted authority द्वारा। इस लिहाज से, कोई भी पार्टी या कंसोर्टियम बिटकॉइन को उस तरह से नियंत्रित नहीं करता है, जो सरकार fiat currency को नियंत्रित करती है या बोर्ड किसी निगम को नियंत्रित करता है। जब उपयोगकर्ता blockchain पर लेनदेन और ब्लॉक को मान्य करने के लिए एक full Bitcoin node चलाते हैं, तो वे चुनते हैं कि नोड कौन से specific protocol का उपयोग करेगा।

बिटकॉइन का दुनिया में practical use क्या है और क्या यह एक alternative करेंसी बन सकती है?

दरअसल इस समय लोग बिटकॉइन को एक इन्वेस्टमेंट के रूप में ही इस्तेमाल करते हैं. यानी जिस तरह से लोग मुनाफा कमाने के लिए प्रॉपर्टी और गोल्ड में अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं, ठीक उसी तरह बहुत से लोग बिटकॉइन में भी अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं. यही वजह है कि बिटकॉइन को डिजिटल गोल्ड भी कहा जाता है. इसके अलावा लोग बिटकॉइन में ट्रेडिंग भी करते हैं, जैसे स्टॉक एक्सचेंज पर लोग स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं. क्रिप्टो करंसी में ट्रेडिंग करने के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म बने हुए हैं जहां हर रोज करोड़ों रुपए की trading होती है.

 दोस्तों ZebPay app से आप एक क्लिक के साथ क्रिप्टो में इन्वेस्ट कर सकते हैं. यह उतना ही आसान है जितना Amazon से ऑर्डर करना.

वहीं बात हो अगर trust की तो इस कंपनी के globally millions of user मौजूद है. इसमें 5 मिनट में आधार और पैन कार्ड के तहत आसान KYC होगा जिसके बाद आप सौ से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी इसमें इन्वेस्ट कर सकते हैं. इसमें minimum investment ₹100 से शुरू कर सकते हैं वह भी बिना किसी लेनदेन शुल्क के. इसके active customer support हैं. 

इसके अलावा दुनिया में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो इस को एक alternative currency बनाना चाहते हैं. यानी वह लोग चाहते हैं कि बिटकॉइन का इस्तेमाल हमारे रोज की लाइफ से जुड़ जाए. जैसे हम हर रोज अपने रुपयों का इस्तेमाल करते हैं. दोस्तों कुछ वेस्टर्न देशों में बहुत से बिजनेस ने बिटकॉइन में पेमेंट लेना भी शुरू कर दिया है. दोस्तों यह तो हमने आपको बता दिया कि दुनिया में इस समय बिटकॉइन का इस्तेमाल एक इन्वेस्टमेंट, ट्रेडिंग और एक अल्टरनेटिव करेंसी के रूप में किया जा रहा है, लेकिन इसके अलावा भी बिटकॉइन का एक और इस्तेमाल है, दरअसल लोग इसका इस्तेमाल विदेशों में पैसा ट्रांसफर करने के लिए भी करते हैं क्योंकि बैंकों द्वारा विदेश में पैसा भेजने में काफी समय लगता है और बैंक उस पर अपनी मोटी फीस भी लोगों से वसूलता है. इसलिए लोग अपना समय और पैसा बचाने के लिए अब बिटकॉइन के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने लगे हैं.

बिटकॉइन की कीमत

बिटकॉइन की कोई आधिकारिक कीमत नहीं है। बिटकॉइन की कीमत इसकी आपूर्ति (supply) और इसके लिए बाजार की मांग से fluctuate होती है. Competitive Cryptocurrencies की संख्या और जिन एक्सचेंजों पर यह कारोबार होता है, इन कारकों से प्रभावित होती है। बिटकॉइन की कीमत उन लोगों द्वारा निर्धारित की जाती है जो लोग भुगतान करने के इच्छुक हैं। कहने का मतलब ये है कि डिमांड बढ़ेगी तो कीमत बढ़ेगी.

बिटकॉइन आज का Price

बिटकॉइन की वर्तमान कीमत इस Widget द्वारा प्रदर्शित की जा रही है

बिटकॉइन की कीमत आमतौर पर एक बिटकॉइन की लागत के रूप में दिखाई जाती है। हालांकि, एक crypto currency exchange से आप जितने amount का चाहे खरीद सकते हैं, आप एक से कम बिटकॉइन को भी खरीद सकते हैं, चाहे वह 100 रूपए ही क्यों न हो।

 नीचे बिटकॉइन के पूरे Price के इतिहास को दर्शाने वाला एक चार्ट है: 

स्क्रीनशॉट लिया गया: https://www.buybitcoinworldwide.com/price/

बिटकॉइन नेटवर्क के आकार में वृद्धि

Bitcoin का नेटवर्क पहले से कहीं बड़ा है। उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध काफी सारे wallets, एक्सचेंज और प्लेटफॉर्म हैं। इसके अलावा, ज़्यादातर vendor Bitcoin को स्वीकार करते हैं, पर फिलहाल भारत में अभी सिर्फ trade ही कर सकते हैं. पर शायद आगे ये सुविधा उपयोग में आ जाएगी. जैसे paytm, UPI, google pay वगैरह के जरिये आप खर्च करके उसके बदले दुकान से कुछ खरीदते हैं, ठीक वैसे ही bitcoin wallet भी है। यहां तक कि बिटकॉइन डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी हैं जिससे उपयोगकर्ता कहीं भी अपने बिटकॉइन को खर्च कर सकते हैं।

बढ़ते क्षेत्र के साथ बिटकॉइन निकट भविष्य के लिए विस्तार करने के लिए तैयार है। 

क्या बिटकॉइन में निवेश करने लायक है

 यह वास्तव में इस बात पर निर्भर करता है कि बिटकॉइन का भविष्य है या नहीं और यह निवेश आपकी अपेक्षाओं को पूरा करता है या नहीं।  मैं तो यह कहूंगा कि आप एक वित्तीय सलाहकार से परामर्श करिए और यह देखिए कि क्या आपके पोर्टफोलियो में बिटकॉइन जोड़ना आपके लिए अच्छा रहेगा. 

मैं कोई वित्तीय सलाहकार नहीं हूं तो मैं कभी भी निवेश सलाह की पेशकश नहीं करूंगा.

लोग Bitcoins क्यों चाहते हैं?

कुछ लोगों को यह पसंद है कि बिटकॉइन पर सरकार या बैंकों का नियंत्रण नहीं है।

लोग अपने Bitcoins को गुमनाम तरीके से भी खर्च कर सकते हैं। हालाँकि सभी लेन-देन रिकॉर्ड किए जाते हैं, किसी को नहीं पता होता कि कौन सा ‘खाता नंबर’ आपका है जब तक कि आपने उन्हें बताये नहीं।

तो क्या बिटकॉइन के बारे में वास्तव में दिलचस्प कुछ है?

हाँ, इसके पीछे की तकनीक इसको काफी दिलचस्प बनाती है। बिटकॉइन blockchain पर बनाया गया है,  जो कि एक तरह का सार्वजनिक बही खाता है, जिसमें उन सभी लोगों  के लेन देन का पूरा विवरण शामिल है जो बिटकॉइन का उपयोग करते हैं, इसमें उनके नाम नहीं दिखते सिर्फ wallet id show होती है. जो लेन-देन करता है उसको ब्लॉक या कोड के लिंक में जोड़ दिया जाता है जो chain बनाते हैं और हर लेन-देन को ब्लॉक पर रिकॉर्ड किया जाता है. 

जबकि यह bitcoin users के लेनदेन को निजी रखता है, यह उन्हें आसानी से वापस trace किए बिना कुछ भी खरीदने या बेचने देता है। यही कारण है कि यह ऑनलाइन ड्रग्स या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए लोगों की पसंद की मुद्रा बन गई है।

यहां तक कि बिटकॉइन आलोचकों ने कहा है कि वे payment tracking के लिए blockchain technology के उपयोग का समर्थन करते हैं।

अब हम बात करते हैं बिटकॉइन के negative के बारे में

दोस्तों आपने सुना होगा कि अप्रैल 2018 में आरबीआई के द्वारा crypto currencies को भारत में बैन कर दिया गया था. उस समय बिटकॉइन को लेकर बहुत सी अफवाहें हमारे देश में फैली थी. बहुत से लोगों ने तो यह भी दावा किया था कि बिटकॉइन एक बहुत बड़ा fraud है. लेकिन दोस्तों इस तरह की सभी बातें सिर्फ अफवाह ही साबित हुई. 

अब सवाल यह उठता है कि अगर यह सभी बातें अफवाह थी तो आरबीआई ने crypto currencies को भारत में बैन क्यों किया था. दरअसल दोस्तों जिस तरह क्रिप्टो करेंसी के अपने फायदे हैं उसी तरह इसके कुछ नुकसान भी हैं.

 इसका सबसे पहला negative point यह है कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग करना बहुत आसान है. दुनिया भर के लोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बिटकॉइन का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा एक खबर यह भी सुनने में आई थी कि लोगों ने Dark web पर बिटकॉइन को हथियार और ड्रग्स खरीदने में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. और चूंकि बिटकॉइन पर किसी सेंट्रल बैंक का कंट्रोल नहीं होता है इसलिए इन ट्रांजैक्शन को ट्रैक करके इन अपराधियों को पकड़ना भी बेहद मुश्किल था. दोस्तों इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो fake क्रिप्टो करेंसी बनाकर करोड़ों रुपए के घोटाले भी कर चुके हैं.

 दोस्तों इन्ही सभी चीजों को देखते हुए आरबीआई ने क्रिप्टो करेंसी पर बैन लगाया था. लेकिन इन platforms के कुछ founders ने आरबीआई के इस ban के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह बात रखी थी जो जो नेगेटिव पॉइंट्स क्रिप्टो करेंसी और इसकी सिस्टम में है वह सभी नेगेटिव प्वाइंट हमारे नेशनल करेंसी और हमारे बैंकिंग सिस्टम में भी है. क्योंकि बिटकॉइन के बिना भी लोग स्कैन करने, हथियार व ड्रग्स खरीदने, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं. इसलिए सिर्फ क्रिप्टो करेंसी पर बैन लगाना किसी भी रूप में ठीक नहीं है. इस सुनवाई के बाद जनवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए क्रिप्टोकरेंसीज पर लगाया हुआ बैन खत्म कर दिया, यानी अब भारत में crypto currencies में इन्वेस्ट और ट्रेडिंग करना पूरी तरह से legal है. आप अपनी मर्जी से अपने पैसों को बिना किसी डर के जिस पर क्रिप्टो करेंसी में चाहे इन्वेस्ट कर सकते हैं, और इसमें इन्वेस्ट किस तरह से करना है यह हम आपको ऊपर पहले ही बता चुके हैं. तो देर किस बात की अभी साइन अप करें ZebPay App पर. 

अंतिम विचार

यह समझना जरूरी है कि किसी भी पैसे का निवेश करने से पहले बिटकॉइन कैसे काम करता है। बिटकॉइन अभी भी नया है और दुनिया पर बिटकॉइन का सही प्रभाव समझने में काफी वक्त लग सकते हैं।

बिटकॉइन को समझने के लिए कुछ समय लें, यह कैसे काम करता है, बिटकॉइन को कैसे सुरक्षित करें, और बिटकॉइन fiat money से कैसे अलग है।

उपरोक्त जानकारी निवेश सलाह के रूप में नहीं ली जानी चाहिए। यह केवल सामान्य ज्ञान के उद्देश्यों के लिए है। बिटकॉइन को खरीदने से पहले आपको खुद से इसके बारे में research करनी चाहिए और तभी आगे का सोचिए कि आपको क्या करना  है। बाकी दोस्तों आज के लिए बस इतना ही. Post अच्छा लगा तो लाइक शेयर करना न भूलें। धन्यवाद

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