अमेरिकी डॉलर क्या है? पूरी जानकारी | What is USD (United States Dollar) Definition in Hindi

1944 में New Hampshire के ब्रेटेन वुड में हुए ब्रेटेन वुड agreement के बाद शुरू हुई ‘डॉलर’ की वर्तमान मजबूती ने दुनिया भर के देशों के लिए International market में गोल्ड की supremacy को न केवल कम किया बल्कि धीरे-धीरे ये एक ऐसी करेंसी बनकर उभरी जो International market में होने वाले ट्रेड के लिए प्रमुखता से इस्तेमाल की जाने लगी।

दोस्तों, 18वीं शताब्दी के दौरान जब पूरी दुनिया में औपनिवेशिक साम्राज्य (Colonial Empire) का विस्तार हो रहा था उस दौरान Spain के उपनिवेशों में ‘स्पेनी डॉलर’ के नाम वाली करेंसी प्रचलन में थी जिसे अमेरिकी financial और commercial unit का भी backbone माना गया। बस फिर क्या था 1765 में American Revolution के बाद अमेरिका को दुनिया का superpower बनाने वाली करेंसी डॉलर देखते-देखते दुनिया के सामने थी, जो National Alliance for Constitutional money, Inc द्वारा distributed मोनोग्राफ, “‘डॉलर’ क्या है?” का एक condensed version है। इस condensed version के सभी अधिकार National Alliance for Constitutional Money, Inc द्वारा reserved है, तो आज के अपने इस अंक में हम दुनिया की इसी सबसे powerful currency ‘डॉलर’ के बारे में विस्तार से जानेंगे…

शब्द “डॉलर” की एक सही परिभाषा क्यों जरूरी है?

अमेरिका के free-market economy में, कीमतों को पैसे की units में व्यक्त किया जाता है। मौजूदा कानून के अनुसार, “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के पैसे, डॉलर में व्यक्त किए जाते हैं… ” इसके अलावा, सभी “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के सिक्के और करेंसी (फेडरल रिजर्व के नोटों सहित…) सभी कर्ज (debts), सार्वजनिक चार्जेस (Public Charges), कर (Taxes) और देय राशि (Dues) आदि एक legal tender हैं।” इस तरीके से, Noun “डॉलर” को define करना यह जानने के लिए जरूरी है कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के “पैसे” क्या हैं और “legal tender” का constitution क्या है।

एक डॉलर में कितना भारतीय रुपया होता है

आज का डॉलर एक्सचेंज रेट (USD / INR) Live 

यह tool डॉलर से रुपया कनवर्टर आपको विदेशी मुद्रा बाजारों में उपलब्ध प्रतिस्पर्धी travel money exchange rates के साथ लाइव अंतर-बैंक मुद्रा दर की तुलना करने की अनुमति देता है।

हम ‘डॉलर sign’ को क्या कहते हैं?

इस सवाल को यहाँ देखना काफी अच्छा है क्योंकि यह अक्सर नजरअंदाज किए गए niche में से एक है। हम शायद ही कभी अलग-अलग करेंसी symbols के बारे में जानना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, ‘Symboled’ करेंसी फ़ैमिली का latest edition भारतीय रुपया है। यह अभी भी दूसरे की तुलना में काफी नया है, फिर भी शायद ही कोई individual है जिसे इसके बारे में ज्यादा पता है।

आपके question पर वापस आते हुए, किसी भी कंटेन्ट में कोई भी reference मौजूद नहीं हैं जो currently डॉलर sign को resemble करता है। चूँकि डॉलर का इस्तेमाल single और vertical दोनों sign के साथ किया जाता है, इसलिए किसी conclusion पर पहुँचना मुश्किल है।

हालांकि, डॉलर sign के समान sign को Cifrao ($) के तौर पर जाना जाता है। कुछ जगहों पर, इसका इस्तेमाल डॉलर sign के तौर में किया जाता है और कुछ दूसरे जगहों पर डॉलर sign का इस्तेमाल एक और vertical line के साथ किया जाता है। हालांकि दोनों की value समान है फिर भी दोनों widely इस्तेमाल किए जाते हैं। किसी एक को अपनाने की बहस अभी भी दुनिया भर में चल रही है।

INR में 50 मिलियन डॉलर कितना होता है?

मिलियन से लाख / करोड़ में बदलें:

करेंसी कन्वर्टर (भारतीय रुपये से)

•50,000,000 INR बराबर है 650,000 USD @76.92 भारतीय रुपया 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर है।

• 50,000,000 INR बराबर है 599,500 EUR  @ 83.4 भारतीय रुपया 1 यूरो के बराबर है।

• 50,000,000 INR  बराबर है 528,500 GBP @ 94.61 भारतीय रुपया1 ब्रिटिश पाउंड के बराबर है।

• 50,000,000 INR बराबर है 923,000 CAD @ 54.17 भारतीय रुपया 1 कनाडाई के डॉलर के बराबर है।

• 50,000,000 INR बराबर है 1,035,500AUD @ 48.29 भारतीय रुपया 1 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के बराबर है।

करेंसी कन्वर्टर (भारतीय रुपए में)

• 50,000,000 USD बराबर है  3,846,153,846 INR @ 76.92 भारतीय रुपया 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर है।

• 50,000,000 EUR बराबर है 4,170,141,785 INR @ 83.4 भारतीय रुपया 1 यूरो के बराबर है।

• 50,000,000 GBP बराबर है 4,730,368,969 INR @ 94.61 भारतीय रुपया 1 ब्रिटिश पाउंड के बराबर है।

• 50,000,000 CAD बराबर है 2,708,559,047 INR @ 54.17 भारतीय रुपया 1 कनाडाई डॉलर के बराबर है।

• 50,000,000 AUD बराबर है 2,414,292,612 INR @ 48.29 भारतीय रुपया 1 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के बराबर है।

डॉलर की रेट के घटने या बढ़ने पर क्या होगा? यह हमारे लिए इतना जरूरी क्यों है?

जब डॉलर का रेट घटता है तो इसका मतलब है कि रुपये की कीमत बढ़ती है और इसी तरह इसके विपरीत भी होता है। डॉलर का रेट शामिल दोनों करेंसी के demand और supply से impacted होता है। अगर डॉलर की मांग अधिक है तो डॉलर के रेट में तेजी होगी क्योंकि लोग 1 डॉलर खरीदने के लिए अधिक रुपये का खर्च करने को तैयार हैं। यदि रुपये की मांग अधिक है, तो डॉलर के रेट में कमी आएगी क्योंकि बहुत से लोग डॉलर के लिए बिजनेस नहीं करेंगे, इसलिए, डॉलर को अधिक lucrative/ attractive बनाने के लिए,  इसकी कीमत कम हो जाएगी, जिससे हमें डॉलर कम रेट में मिलेगा।

डॉलर का रेट भारत में लोगों पर असर डालता है क्योंकि सभी import और export डॉलर करेंसी में किए जाते हैं। अगर डॉलर का रेट अधिक है, तो भारत के बिजनेस मैन को समान का payment करने के लिए अधिक रुपये खर्च करने होंगे। जब कोई बिजनेस मैन ऊंचे दाम पर समान पाएगा तो वो निश्चित रूप से इसे ऊंचे रेट पर ही बेचेगा। अंत में ऊंचे डॉलर के रेट के कारण भारतीय यूज़र्स के लिए सामान महंगा हो जाता है। ट्रेडिंग के अलावा, दूसरे कारण  भी impact हो सकते हैं जैसे FDI, मुनाफा(profits), ब्याज दर(interest rate), आदि।

रुपये में गिरावट का कारण क्या है?

ग्लोबल मार्केट्स में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत इसका एक कारण है। नवंबर 2014 के बाद पहली बार अमेरिकी तेल 70 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया क्योंकि ट्रेडर्स ने ईरान पर प्रतिबंधों(sanctions) को फिर से लागू करने के लिए दृढ़ता दिखाई। भारत उपयोग करने के लिए लगभग 80 प्रतिशत तेल का आयात करता है, जिसका सीधा असर रुपये पर होता है।

दूसरा कारण डॉलर में लगातार मजबूती का आना है। अमेरिकी नौकरियों और वेतन के आंकड़े ने अमेरिकी economy में strength के perceptions को थोड़ा कम किया जिससे वो अपने 2018 के टॉप के पास आज स्थिर है। अमेरिकी economy की मजबूती उभरते मार्केट्स से पैसे वापस खींचती है।

यह कैसे खराब है

डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया import को महंगा बनाता है। कुछ imports में कटौती नहीं की जा सकती जैसे कि तेल, जो भारत के वर्तमान अकाउंट deficit पर negatively असर डाल सकता है। एक vicious cycle में, एक depreciated रुपया भारत के मुख्य import के बाद, तेल को और महंगा बनाता है। महंगे तेल का मतलब है महंगी सब्जियां और किराने(groceries) का सामान क्योंकि transportation की cost इससे बढ़ जाएगी। कमजोर रुपया विदेशों में education और vacations को अधिक महंगा बनाता है। Imported सामान जैसे कंप्यूटर, स्मार्टफोन और कार का इस्तेमाल करने वाले सामान भी अधिक महंगे मिलते हैं। इससे सभी import-based industry और ट्रेड पर असर पड़ता है।

यह कैसे अच्छा है?

Exporters के लिए कमजोर रुपया अच्छा है क्योंकि उन्हें अपने exports के लिए अधिक पैसा मिलता है। सभी export-based industry एक कमजोर रुपये से profitable होती है। उदाहरण के लिए, Information Technology और Pharma कंपनियों को कमजोर रुपये से profit होता है क्योंकि उनका अधिकतर revenue विदेशों से ही आता है। Economic Affairs Secretary सुभाष चंद्र गर्ग ने कुछ दिनों पहले कहा था कि 64 के स्तर पर रुपया एक डॉलर की तुलना में “export को नुकसान पहुंचाता है” और यह असली exchange रेट्स से justify नहीं होता है। “मेरी समझ में अभी स्थिरता आ गई है और लगभग 66-67 (एक डॉलर तक) का स्तर ऐसा होना चाहिए जो कुछ समय तक स्थिर रहेगा,”

Conclusion: – यदि आप exporter हैं तो यह आपके लिए अच्छा है लेकिन सामान्य तौर पर या आम लोगों के लिए यह उनकी जेब पर काफी भारी पड़ेगा।

विश्व की करेंसी: ऐसे देश जिनकी करेंसी डॉलर है

डॉलर दुनिया में सबसे widely इस्तेमाल की जाने वाली करेंसी है, कई देशों ने इसे अपनी करेंसी के लिए भी एक option के तौर पर accept किया है। “डॉलर” शब्द को कई दूसरे देशों ने उनकी करेंसी के लिए भी अपनाया है, जो दूसरे डॉलर के साथ common history साझा नहीं करते हैं, लेकिन उन्होंने Lsd-आधारित (pre-decimal करेंसी जो पूरे यूरोप में एक समय आम करेंसी थी) से अपने decimalized मौद्रिक सिस्टम में movement के दौरान इस नाम को अपनाया। यहां, हम common awareness के लिए उन देशों की लिस्ट दे रहे हैं, जिनके पास डॉलर के तौर पर करेंसी है।

उन देशों की लिस्ट जहां डॉलर के तौर पर करेंसी है

CountriesCurrencyCurrency code
 Antigua and BarbudaEast Caribbean dollarXCD
 Australia and its territoriesAustralian dollarAUD
 BahamasBahamian dollarBSD
 BarbadosBarbadian dollarBBD
 BelizeBelize dollarBZD/USD
 BermudaBermuda dollarBMD
 BruneiBrunei dollarBND
(Alongside the Singapore dollar)(SGD)
 CanadaCanadian dollarCAD
 Cayman IslandsCayman Islands dollarKYD
 DominicaEast Caribbean dollarXCD
 East TimorUnited States dollarUSD
 EcuadorUnited States dollarUSD
 El SalvadorUnited States dollarUSD
 FijiFijian dollarFJD
 GrenadaEast Caribbean dollarXCD
 GuyanaGuyanese dollarGYD
 Hong KongHong Kong dollarHKD
 JamaicaJamaican dollarJMD
 KiribatiKiribati dollar along with the Australian dollarKID / AUD
 LiberiaLiberian dollarLRD
 Marshall IslandsUnited States dollarUSD
Federated States of MicronesiaUnited States dollarUSD
 NamibiaNamibian dollar along with the South African randNAD
 NauruAustralian dollarAUD
 New Zealand and its territoriesNew Zealand dollarNZD
 PalauUnited States dollarUSD
 Saint Kitts and NevisEast Caribbean dollarXCD
 Saint LuciaEast Caribbean dollarXCD
 Saint Vincent and the GrenadinesEast Caribbean dollarXCD
 SingaporeSingapore dollarSGD
 Solomon IslandsSolomon Islands dollarSBD
 SurinameSurinamese dollarSRD
 TaiwanNew Taiwan dollarTWD
 Trinidad and TobagoTrinidad and Tobago dollarTTD
 TuvaluTuvaluan dollar along with the Australian dollarTVD / AUD
 United States and its territoriesUnited States dollarUSD
 ZimbabweUnited States dollarUSD
Credit: https://www.jagranjosh.com/general-knowledge/currencies-of-the-world-countries-that-have-dollar-as-currency-1303814480-1

क्या भारत में विदेशी करेंसी रखना Illegal है?

नहीं .. Illegal नहीं है ..

लेकिन इसका अच्छा हिसाब होना चाहिए..

इसका मलतब है कि अगर आपके पास बहुत सारे डॉलर हैं, तो आपको पास इसका सही explanation होना चाहिए।

कुछ ऐसे भी नोट हो सकते हैं जो आपके रिश्तेदार ने आपको गिफ्ट किया है। किसी को इसके लिए कोई question नहीं होना चाहिए।

हजारों डॉलर cash में अगर है .. आपके पास यह prove करने के लिए बेहतर है कि पासपोर्ट होना चाहिए कि आपने खुद इसका आदान-प्रदान (exchange) किया है।

लाखों डॉलर cash में, .. और कोई पासपोर्ट नहीं है .. आप को फिर यह समझाने के लिए तैयार रहना होगा कि आपको इस तरह से कौन पैसा दे रहा है .. कहीं ये माफिया तो नहीं !!

डॉलर इतना मजबूत क्यों है?

अमेरिकी डॉलर दुनिया की सबसे अधिक ट्रेड की जाने वाली करेंसी है, और यह दुनिया की प्राइमरी रिजर्व करेंसी भी है। यह लगातार मजबूत है क्योंकि इसके बहुत सारे buyer हैं। USD International transactions के लिए दुनिया भर में central और commercial बैंकों द्वारा रखा जाता है।

डॉलर की मजबूती का कारण है कि सरकारें अपने विदेशी exchange reserve में डॉलर को रखने के लिए तैयार हैं। सरकारें अपने International transactions से करेंसी acquire करती हैं। वे उन्हें domestic बिज़नेसों और travelers से भी receive करते हैं जो उन्हें local करेंसी के लिए redeem करते हैं।

दुनिया की सबसे मजबूत करेंसी क्या है?

कुवैती दिनार

कुवैती दिनार को दुनिया में सबसे मजबूत करेंसी के रूप में जाना जाता है। कुवैती दीनार या KWD को 1960 में introduce किया गया था और शुरू में यह एक Pound sterling के बराबर था। कुवैत एक छोटा सा देश है जो इराक और सऊदी अरब के बीच बसा हुआ है और जिसकी wealth वहाँ पर मौजूद तेल के बड़े ग्लोबल exports के द्वारा drive होता है।

दुनिया में सबसे कमजोर करेंसी

ईरानी रियाल

ईरानी रियाल दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी है। यह USD की तुलना में सबसे lowest करेंसी है। Calculations के simplification के लिए, ईरानी लोग अक्सर ‘Toman’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं। 1 Toman, 10 रियाल के बराबर है।

कई कारण हैं कि क्यों ईरानी रियाल में गिरावट आई; ईरान और इराक के बीच का war, इजरायल के द्वारा दिया गया डर और possible nuclear war के खतरों का सामना करना। इसके कारण, ईरान पर दुनिया भर के मार्केट ने restriction लगा दिया, जिसने ultimately इसकी economy को काफी नुकसान पहुंचाया। ईरान तेल का मुख्य exporter था,  इस देश को अपने तेल के export के अवसरों से भी deprive कर दिया गया था। इसने फिर से ईरान के राष्ट्रीय (national) बजट में काफी कमी पैदा कर दी।

इन सभी events की वजह से ईरानी रियाल गिरकर सबसे कमजोर करेंसी बन गया। यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका और यूरोपीय संघ ने 2016 में, कुछ sanctions को हटाया जिससे ईरान की economic condition में सुधार हो सके  और रियाल स्थिर हो जाए। हालांकि, 2018 में, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका ने अपने sanctions को फिर से काफी ज्यादा दोबारा लगा दिया।

तो ये था दुनिया की powerful करेंसी का सफरनाम… आज के लिए बस इतना ही। अगले अंक में एक रोचक विषय के साथ आपसे फिर जुड़ेंगे।

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